नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2026

लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 सदन में प्रस्तुत किए। इनका उद्देश्य वर्ष 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करना और परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

विपक्ष ने उठाए सवाल, विधेयक वापस लेने की मांग

विपक्षी दलों ने इन विधेयकों का कड़ा विरोध किया। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पिछड़े वर्ग और मुस्लिम महिलाओं को शामिल किए बिना यह विधेयक अधूरा है और इसे वापस लिया जाना चाहिए। कांग्रेस समेत अन्य दलों ने भी विधेयकों के समय और प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

सरकार का जवाब, भ्रम फैलाने का आरोप

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जनगणना प्रक्रिया जारी है और जातीय गणना भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ बयान जनता में भ्रम और चिंता पैदा कर रहे हैं, जिन्हें स्पष्ट करना जरूरी है।

महिला आरक्षण पर सरकार का जोर

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देना एक ऐतिहासिक कदम होगा और इससे देश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।

संसद में लंबी चर्चा तय

इन विधेयकों पर लोकसभा में 18 घंटे और राज्यसभा में 10 घंटे चर्चा का समय तय किया गया है। इस दौरान विभिन्न दलों के नेता अपने-अपने पक्ष रखेंगे और व्यापक बहस होने की संभावना है।

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