24 घंटे में ताबड़तोड़ छापेमारी, कोलकाता DCP लापता; SSC और राशन घोटाले की जांच तेज

कोलकाता | 22 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज कर दी है। अप्रैल महीने में अब तक एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कम से कम 19 मामलों में मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और कथित राजनीतिक मध्यस्थों पर शिकंजा कसा है।

I-PAC से जुड़े लोगों पर शिकंजा
ईडी ने राजनीतिक सलाहकार कंपनी I-PAC के निदेशक ऋषि राज को तलब किया है। वहीं, निदेशक प्रतीक जैन से पहले भी कई बार पूछताछ हो चुकी है और एक अन्य निदेशक विनेश चंदेल एजेंसी की हिरासत में हैं। इससे चुनावी रणनीति से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज हो गई है।

IAS और भर्ती घोटाले की जांच
SSC भर्ती घोटाले के सिलसिले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनीष जैन को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। यह कार्रवाई पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी से जुड़े मामलों में छापेमारी के बाद हुई है, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास लापता
कोलकाता पुलिस की स्पेशल ब्रांच के DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास के घर पर भी ED ने छापा मारा। उन पर निजी मेडिकल कॉलेजों में कथित फर्जी NRI कोटा एडमिशन से जुड़े मामले की जांच चल रही है। समन जारी होने के बाद से वे लापता बताए जा रहे हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

नुसरत जहां भी जांच के दायरे में
राशन घोटाले में अभिनेत्री और पूर्व सांसद नुसरत जहां को भी ED ने तलब किया है। वे कोलकाता स्थित ED दफ्तर पहुंचकर पूछताछ में शामिल हुईं।

TMC ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
तृणमूल कांग्रेस ने इन कार्रवाइयों को लेकर कहा है कि यह चुनाव से पहले भ्रम फैलाने की कोशिश है। पार्टी ने I-PAC के कामकाज बंद होने की खबरों को भी खारिज किया है।

चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले ED की इन कार्रवाइयों ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है। आने वाले दिनों में जांच और सियासी टकराव दोनों तेज होने की संभावना है।

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