कोर्ट बोला- हस्तक्षेप से लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर, चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
कोलकाता | 22 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि यह राज्य बनाम केंद्र का मुद्दा नहीं, बल्कि ऐसा मामला है जहां एक मुख्यमंत्री जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर लोकतंत्र को खतरे में डाल रही हैं। अदालत ने यह भी कहा कि उसने पहले कभी ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की थी और इस तरह का दखल पूरे सिस्टम को प्रभावित करता है।
इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों पर कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने सुजीत बोस और रथिन घोष को 24 अप्रैल को पेश होने के लिए चौथा समन जारी किया है। दोनों नेता आगामी विधानसभा चुनाव में क्रमशः बिधाननगर और मध्यमग्राम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होना है—पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा, जबकि नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। चुनाव से ठीक पहले कोर्ट की इस टिप्पणी और ईडी की कार्रवाई ने राज्य की राजनीति को और गर्म कर दिया है।


