7 सांसदों के बीजेपी में जाने पर विवाद तेज, जानिए क्या है ‘ऑपरेशन लोटस’ और क्यों हो रही चर्चा

नई दिल्ली | 25 अप्रैल 2026

आम आदमी पार्टी (AAP) के कई बड़े नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद सियासत गरमा गई है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत कुल सात सांसदों के दल-बदल पर AAP नेता संजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे बीजेपी के कथित ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को कभी माफ नहीं करेगी और यह लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है।

क्या है ‘ऑपरेशन लोटस’?
‘ऑपरेशन लोटस’ कोई आधिकारिक योजना नहीं है, बल्कि विपक्ष द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक राजनीतिक शब्द है। इसका मतलब उन आरोपों से है, जिनमें कहा जाता है कि बीजेपी विपक्षी दलों के विधायकों या सांसदों को अपने पक्ष में लाकर सरकार बनाने या गिराने की रणनीति अपनाती है। AAP का आरोप है कि इसी रणनीति के तहत उनके सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
इस तरह के आरोप पहले भी कई राज्यों में लगे हैं। 2008 में कर्नाटक और 2020 में मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर विधायकों के दल-बदल के बाद सरकारों में बदलाव हुआ था। मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कई विधायकों के बीजेपी में शामिल होने से कांग्रेस सरकार गिर गई थी। इन्हीं घटनाओं को विपक्ष अक्सर ‘ऑपरेशन लोटस’ से जोड़कर देखता है।

AAP के सामने बढ़ी चुनौती
सात सांसदों के जाने से राज्यसभा में AAP की ताकत घट गई है, जिससे उसकी राजनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। पार्टी के सामने अब संगठन को मजबूत बनाए रखने, कार्यकर्ताओं का भरोसा बनाए रखने और आने वाले गुजरात, गोवा और पंजाब चुनावों में खुद को फिर से स्थापित करने की चुनौती है। इसके साथ ही पार्टी यह भी दिखाना चाहती है कि उसके मूल सिद्धांत और जनाधार अभी भी मजबूत हैं।

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