नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2026

इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के निदेशक विनेश चंदेल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पटियाला हाउस अदालत से जमानत मिल गई है। खास बात यह रही कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमानत याचिका का विरोध नहीं किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने जांच में पूरा सहयोग किया है और स्वेच्छा से जानकारी साझा की है, इसी आधार पर जमानत दी गई।

ईडी ने सहयोग का हवाला देकर नहीं किया विरोध
सुनवाई के दौरान ईडी अधिकारियों ने बताया कि विनेश चंदेल ने जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया और जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराईं। इसी कारण एजेंसी ने जमानत का विरोध नहीं किया। अदालत ने भी जांच अधिकारी के बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए यह माना कि आरोपी की ओर से सहयोग किया गया है।

शर्तों के साथ मिली जमानत
अदालत ने जमानत देते समय कई शर्तें भी तय की हैं। इनमें सबूतों या गवाहों के साथ छेड़छाड़ न करना, किसी भी गवाह को प्रभावित न करना, जांच में लगातार सहयोग करना और जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसी के सामने उपस्थित होना शामिल है।

पहले हिरासत में भेजे गए थे आरोपी
इससे पहले 14 अप्रैल को अदालत ने विनेश चंदेल को 10 दिन की ईडी हिरासत में भेजा था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि वह करोड़ों रुपये की अवैध धनराशि के सृजन और लेनदेन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे। अदालत ने उस समय विस्तृत आदेश में कहा था कि आरोपी के खिलाफ प्रारंभिक तौर पर पर्याप्त आधार मौजूद हैं।

13 अप्रैल को हुई थी गिरफ्तारी, जांच जारी
प्रवर्तन निदेशालय ने 13 अप्रैल को पूछताछ के बाद विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया था। जांच में हवाला लेनदेन, नकदी के अनौपचारिक हस्तांतरण और वित्तीय रिकॉर्ड हटाने जैसे आरोप सामने आए थे। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां इससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।

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