13 मई 2026 | नई दिल्ली
खरीफ सीजन 2026-27 से पहले केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए धान समेत 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार ने सामान्य धान के MSP में ₹72 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर इसे ₹2,441 प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि A-ग्रेड धान का MSP बढ़ाकर ₹2,461 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यह नया समर्थन मूल्य खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 में लागू होगा।
सूरजमुखी और कपास किसानों को सबसे ज्यादा फायदा
सरकार ने इस बार सूरजमुखी बीज के MSP में सबसे ज्यादा ₹622 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करते हुए इसे ₹8,343 प्रति क्विंटल कर दिया है। वहीं कपास के MSP में भी ₹557 तक की वृद्धि की गई है। इसके अलावा अरहर, उड़द, सोयाबीन, बाजरा और रागी जैसी फसलों के समर्थन मूल्य में भी इजाफा किया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को धान-गेहूं के अलावा तिलहन और दलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि देश की आयात निर्भरता कम हो सके।
‘उत्पादन लागत से 50% ज्यादा MSP’
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार ने सभी 14 खरीफ फसलों का MSP उनकी उत्पादन लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक रखा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से किसानों को बेहतर मुनाफा मिलेगा और अनुमानित तौर पर किसानों को करीब ₹2.60 लाख करोड़ का भुगतान किया जाएगा।
खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि MSP में बढ़ोतरी से किसानों को खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। खासकर दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ने से देश को खाद्य तेल और दालों के आयात पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।


