रायपुर | 02 जून 2026

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1200 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इस कार्रवाई में कारोबारी अनवर ढेबर से जुड़ी ‘ढेबर सिटी’ और गोवा स्थित ‘वेस्टइन होटल’ भी शामिल हैं।

ED ने यह कार्रवाई 28 मई को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत तीन अलग-अलग अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर की। एजेंसी के अनुसार कुर्क संपत्तियों की डीड वैल्यू लगभग 200 करोड़ रुपये है, जबकि बाजार मूल्य 1000 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।

गोवा होटल को लेकर बड़ा दावा

ED का आरोप है कि उत्तर गोवा के अंजुना स्थित प्रीमियम होटल ‘वेस्टइन गोवा’ को लगभग 110 करोड़ रुपये में शराब घोटाले से प्राप्त नकदी के जरिए खरीदा गया था। जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि कैश ट्रांसपोर्ट का काम कथित रूप से चैतन्य बघेल के निर्देश पर किया गया।

सिंडिकेट पर गंभीर आरोप

ED के मुताबिक 2019 से 2023 के बीच एक संगठित शराब सिंडिकेट ने आबकारी व्यवस्था में हेरफेर कर 2800 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय अर्जित की। इस सिंडिकेट का संचालन अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा द्वारा किए जाने का दावा किया गया है।

रायपुर में जमीनें और कंपनियां भी अटैच

पहले आदेश में रायपुर स्थित ढेबर सिटी होम्स सहित कई जमीनें और शेल कंपनियों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियां भी कुर्क की गई हैं, जिनकी कीमत करीब 30 करोड़ रुपये बताई गई है।

तीसरे आदेश के तहत तीन कंपनियों—ओम साई बेवरेजेस, दिशिता वेंचर्स और नेक्सजेन पावर इंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड—के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड भी जब्त किए गए हैं।

चार नए आरोपी शामिल

ED ने अपनी छठी पूरक चार्जशीट में चार नए लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें विजय भाटिया, टी. भुनेश्वर राव, प्रबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर के नाम शामिल हैं।
एजेंसी का दावा है कि इन लोगों की भूमिका कैश ट्रांसपोर्ट और बेनामी निवेश से जुड़ी रही है।

अब इस मामले में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। ED ने संकेत दिया है कि जांच अभी जारी है और आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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