रायपुर, 12 जुलाई 2026
राज्य शासन की कृषि यंत्रीकरण योजना छोटे और मझोले किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसका ताजा उदाहरण सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकासखंड बिलाईगढ़ के ग्राम गधाभाटा के प्रगतिशील किसान तिहारूराम चंद्रा हैं, जिनका ट्रैक्टर खरीदने का सपना शासन की सहायता से पूरा हुआ।
ग्राम झुमका में आयोजित सुशासन शिविर में प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने तिहारूराम को उनके नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। 9.40 लाख रुपये की लागत वाले ट्रैक्टर पर उन्हें राज्य शासन की ओर से 4 लाख रुपये का अनुदान मिला।
तिहारूराम ने बताया कि सीमित जमीन और संसाधनों के कारण पहले खेती के लिए महंगे किराए पर ट्रैक्टर लेना पड़ता था। अब अपना ट्रैक्टर मिलने से वे समय पर खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग और लाभकारी खेती कर सकेंगे।
‘वन स्टॉप सेंटर’ से किसानों को मिला त्वरित लाभ
सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविरों में कृषि विभाग ने ‘वन स्टॉप सेंटर’ के रूप में स्टॉल लगाकर किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया। विभाग को कुल 575 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 545 मांग और 30 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल थे। इनमें से 572 आवेदनों का रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।
आधुनिक खेती और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
शिविर में किसानों को नीम आधारित कीटनाशक, हरित खाद, प्रमाणित बीज तथा विभिन्न लघु कृषि यंत्रों का वितरण किया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड योजना, एग्री स्टैक पंजीयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती मिशन, परंपरागत कृषि विकास योजना तथा दलहन-तिलहन प्रोत्साहन कार्यक्रम जैसी योजनाओं की जानकारी भी दी।
जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में कृषि विभाग का यह अभियान किसानों की समस्याओं के समाधान के साथ उन्हें आधुनिक तकनीकों, आत्मनिर्भरता और समृद्ध कृषि की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।


