रायपुर, 01 अप्रैल 2026

Donald Trump ने संकेत दिया है कि ईरान से जुड़ा मौजूदा युद्ध संभवतः दो सप्ताह के भीतर समाप्त हो सकता है, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इसके बावजूद वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों के सामान्य होने में कई सप्ताह लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध समाप्त होने के बाद भी उत्पादन, परिवहन और क्षतिग्रस्त ढांचे को बहाल करने में समय लगेगा।

तेल आपूर्ति सामान्य होने में लग सकता है समय

विशेषज्ञों के अनुसार यदि संघर्ष जल्द समाप्त भी हो जाता है, तब भी तेल आपूर्ति को सामान्य स्तर पर आने में 6 से 8 सप्ताह का समय लग सकता है। हर अतिरिक्त सप्ताह की लड़ाई आपूर्ति और कीमतों की बहाली को और आगे बढ़ा सकती है। युद्ध के कारण कई टैंकर रुके हुए हैं और उत्पादन बाधित हुआ है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ी चुनौती

ईरान द्वारा Strait of Hormuz को अवरुद्ध करने के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है। यह मार्ग दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का 20-25 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। इस क्षेत्र में बारूदी सुरंगों की मौजूदगी और क्षतिग्रस्त जहाजों के कारण रास्ता साफ करना भी एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया बन गया है।

शिपिंग लागत और बीमा दरों में उछाल

युद्ध के चलते तेल टैंकरों की शिपिंग लागत में भारी वृद्धि हुई है। बहुत बड़े कच्चा तेल वाहक जहाजों (VLCC) के किराए 4 लाख डॉलर प्रतिदिन से अधिक तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा ईंधन, बंदरगाह शुल्क और बीमा लागत भी बढ़ी है, जिससे वैश्विक बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।

युद्ध लंबा खिंचा तो बढ़ेगा संकट

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबा चलता है, तो तेल आपूर्ति और कीमतों को सामान्य होने में महीनों लग सकते हैं। लंबे समय तक अवरोध रहने से शिपिंग, उत्पादन और वैश्विक बाजार पर असर और गहरा होगा, जिससे ऊर्जा संकट और बढ़ सकता है।

हूती खतरे से बढ़ सकती है जटिलता

यमन के हूती विद्रोहियों की संभावित भागीदारी से स्थिति और जटिल हो सकती है। यदि उन्होंने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को प्रभावित किया, तो तेल आपूर्ति पर दोहरा दबाव पड़ेगा और वैश्विक कीमतों में और उछाल आ सकता है।

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