बिलासपुर, 13 जून 2026

छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग (PWD) की विद्युत एवं यांत्रिकी शाखा में एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि विभाग ने ब्लैकलिस्टेड कंपनी मेसर्स श्री कृष्णा इंफ्रा डेवलपर को नियमों की अनदेखी करते हुए करोड़ों रुपये के ठेके आवंटित कर दिए।

जानकारी के अनुसार, बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने वर्ष 2023 में कंपनी की निविदा सुरक्षा राशि (EMD) जब्त कर उसे पांच वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बावजूद कंपनी को विभागीय कार्यों के लिए पात्र मानते हुए ठेके दिए गए।

झूठे शपथपत्र के आधार पर मिला ठेका

दस्तावेजों के मुताबिक कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया के दौरान शपथपत्र देकर दावा किया था कि वह किसी भी सरकारी विभाग में ब्लैकलिस्ट या प्रतिबंधित नहीं है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने बिना सत्यापन के इस शपथपत्र को स्वीकार कर लिया।

करोड़ों के कार्यों का आवंटन

मामले में दावा किया गया है कि ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद कंपनी को विभिन्न कार्यों के लिए करीब 13 करोड़ रुपये के ठेके दिए गए। वहीं बिलासपुर खेल परिसर और विद्युत नवीनीकरण कार्य के लिए लगभग 4.87 करोड़ रुपये का कार्य आवंटित किया गया।

राजनीति भी गरमाई

मामला सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष और विभिन्न संगठनों द्वारा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। वहीं विभाग के अधिकारी फिलहाल इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

जांच के बाद होगी कार्रवाई : अरुण साव

उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि शिकायत और दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले की जांच और विभागीय दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

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