रायपुर, 30 मार्च 2026

अमित शाह ने संसद में बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश में नक्सलवाद अब समाप्ति के कगार पर है और भारत लगभग नक्सल हिंसा से मुक्त हो चुका है। लोकसभा में इस विषय पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया था और इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

बस्तर में विकास को मिली गति

गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर, जो कभी नक्सलवाद का प्रमुख क्षेत्र माना जाता था, अब विकास के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के प्रत्येक गांव में विद्यालय, उचित मूल्य की दुकानें, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही आधार कार्ड और राशन कार्ड के माध्यम से लोगों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है।

सरकार की स्पष्ट नीति

अमित शाह ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने का आह्वान करते हुए कहा कि जो लोग हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं, सरकार उनके पुनर्वास के लिए पूर्णतः तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग हिंसा का मार्ग नहीं छोड़ेंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

कांग्रेस पर आरोप-प्रत्यारोप

संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। अमित शाह ने आरोप लगाया कि पिछले 60 वर्षों के शासन में कांग्रेस नक्सलवाद की समस्या का समाधान करने में असफल रही, जिसके कारण आदिवासी क्षेत्रों में विकास बाधित रहा। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा के कारण हजारों लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए।

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