कभी नक्सल प्रभाव के कारण पिछड़े रहे सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के गोगुण्डा क्षेत्र में अब विकास की नई शुरुआत दिखाई दे रही है। नक्सल गतिविधियों में कमी के बाद प्रशासनिक पहल से यहां बुनियादी सुविधाओं के साथ सामाजिक बदलाव भी तेजी से हो रहा है।

गोगुण्डा पंचायत और आश्रित गांव मीचिगुड़ा में जिला प्रशासन ने करीब 1 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी है। इन योजनाओं से लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं से वंचित 1642 ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल रहा है।

कलेक्टर Amit Kumar और जिला पंचायत सीईओ Mukund Thakur के मार्गदर्शन में क्षेत्र में पीडीएस भवन, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही एक आधुनिक मनोरंजन कक्ष भी तैयार किया जा रहा है, जहां बड़ी स्क्रीन वाली टीवी लगाई जाएगी। इससे ग्रामीण पहली बार सामूहिक रूप से फिल्में, क्रिकेट मैच और समाचार देख सकेंगे और देश-दुनिया से जुड़ सकेंगे।

वहीं, क्षेत्र में ‘हरा सोना’ कहे जाने वाले वन उत्पादों की खरीदी भी शुरू हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ने की उम्मीद है।

प्रशासन का मानना है कि इन पहलों से न केवल ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts