नई दिल्ली, 3 मई 2026

Nishikant Dubey ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की स्थिति को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘कांग्रेस का काला अध्याय’ शीर्षक से पोस्ट करते हुए कहा कि 3 मई 1962 से 30 मई 1962 के बीच मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया और कूचबिहार जिलों में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और कई लोग शरणार्थी बनने को मजबूर हुए। दुबे ने आरोप लगाया कि इसी दौर में ‘हिंदू प्रताड़ना’ और ‘मुस्लिम तुष्टिकरण’ की राजनीति की नींव रखी गई।

नेहरू सरकार पर साधा निशाना
बीजेपी सांसद ने उस समय के प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे संसद के भीतर और बाहर मुसलमानों के पक्ष में खड़े रहे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति C. Rajagopalachari को लिखे गए पत्रों का हवाला देते हुए कांग्रेस की नीतियों को वोट बैंक राजनीति से जोड़कर देखा और दावा किया कि इन फैसलों का असर आज तक दिखाई देता है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज, प्रतिक्रिया का इंतजार
दुबे के इस बयान के बाद सियासी माहौल फिर गरमा गया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक Indian National Congress की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पश्चिम बंगाल की राजनीति पहले से ही संवेदनशील दौर में है और ऐसे बयान चुनावी माहौल को और प्रभावित कर सकते हैं।

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