अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मध्यस्थता के लिए प्रस्तावित पाकिस्तान दौरे को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अचानक रद्द कर दिया। इस फैसले के साथ ही ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए तंज कसा कि अमेरिका केवल “एक कागज के टुकड़े” को देखने के लिए 18 घंटे की लंबी यात्रा नहीं करेगा।

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि जब पहले से यह अंदेशा हो कि सामने से ऐसा प्रस्ताव आएगा जो स्वीकार्य नहीं होगा, तो इतनी लंबी यात्रा करना समय की बर्बादी है। उन्होंने बताया कि अब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का तरीका बदल गया है और दोनों पक्ष फोन के जरिए संवाद कर रहे हैं, जो अधिक प्रभावी साबित हो रहा है।

इससे पहले अमेरिका के दूतों का एक प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद जाने वाला था, लेकिन अंतिम समय में इस दौरे को रद्द कर दिया गया।

ट्रंप ने संकेत दिए कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है, हालांकि उन्होंने इसकी सफलता को लेकर पूरी तरह भरोसा नहीं जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते के लिए अमेरिका की शर्त सख्त है—ईरान को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।

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