कूचबिहार और दक्षिण दिनाजपुर में सबसे ज्यादा मतदान, मुर्शिदाबाद–आसनसोल समेत कई जगह झड़प
कोलकाता | 24 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर रिकॉर्ड 92.88% मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे अधिक बताया जा रहा है। निर्वाचन आयोग के अनुसार कूचबिहार जिले में सबसे ज्यादा मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, बांकुड़ा और पश्चिम मेदिनीपुर जैसे जिलों में भी 90% से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं कलिम्पोंग में अपेक्षाकृत कम लगभग 81% मतदान रहा। खास बात यह रही कि इस बार महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही, जहां महिलाओं का मतदान प्रतिशत 92.69% और पुरुषों का 90.92% दर्ज किया गया।
हालांकि, मतदान के दौरान कई इलाकों से छिटपुट हिंसा और उपद्रव की खबरें भी सामने आईं। आसनसोल, मालदा, मुर्शिदाबाद, सिलीगुड़ी और कूचबिहार में झड़प, पथराव और मारपीट की घटनाएं हुईं। मुर्शिदाबाद के नौदा में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प के बाद केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा, जबकि आसनसोल में एक उम्मीदवार की गाड़ी पर हमला किया गया। दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भी उम्मीदवार के साथ हाथापाई की घटना सामने आई। बीरभूम के खारिसोल में ईवीएम को लेकर विवाद बढ़ गया, जहां मतदाताओं ने आरोप लगाया कि वोट गलत खाते में जा रहे हैं, जिससे तनाव की स्थिति बन गई।

निर्वाचन आयोग को मतदान के दौरान करीब 500 शिकायतें मिलीं, जबकि ‘सीविजिल’ ऐप के जरिए 375 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। तृणमूल कांग्रेस ने भी सैकड़ों शिकायतें दर्ज कराने का दावा किया, जिनमें ईवीएम खराबी और केंद्रीय बलों के व्यवहार को लेकर आरोप शामिल हैं। इसके बावजूद आयोग ने मतदान को “काफी हद तक शांतिपूर्ण” बताया है।
गौरतलब है कि 294 सीटों वाली विधानसभा के लिए यह पहला चरण था, जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा और मतगणना 4 मई को की जाएगी। 2021 के चुनाव में इन 152 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस को 93 और बीजेपी को 59 सीटें मिली थीं, ऐसे में इस बार के रिकॉर्ड मतदान को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।


