दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति Elon Musk और OpenAI के बीच विवाद अब कोर्ट तक पहुंच गया है। सुनवाई के दौरान मस्क ने खुद को “बेवकूफ” बताया और कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए 150 अरब अमेरिकी डॉलर हर्जाने की मांग की है। इस मामले में Microsoft का नाम भी सामने आया है।

कोर्ट में मस्क ने कहा कि Sam Altman और Greg Brockman ने शुरुआत में भरोसा दिलाया था कि OpenAI एक नॉन-प्रॉफिट संगठन रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी भरोसे के चलते उन्होंने करीब 38 मिलियन डॉलर की फंडिंग दी, लेकिन बाद में कंपनी अपने मूल उद्देश्य से हटकर मुनाफा कमाने वाली टेक कंपनी बन गई।

मस्क के अनुसार, जिस संस्था को उन्होंने मानवता के हित में विकसित करने के उद्देश्य से समर्थन दिया था, वह अब एक विशाल व्यावसायिक इकाई बन चुकी है, जिसकी वैल्यू सैकड़ों अरब डॉलर तक पहुंच गई है।

वहीं OpenAI की ओर से पेश वकील विलियम साविट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मस्क ने यह मुकदमा इसलिए दायर किया क्योंकि कंपनी ने उनकी शर्तें नहीं मानीं। उन्होंने दावा किया कि OpenAI अब भी अपने मूल सिद्धांतों पर कायम है।

यह मामला टेक जगत की सबसे बड़ी कानूनी लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है, जिस पर वैश्विक स्तर पर नजरें टिकी हैं।

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