15 मई 2026 | नई दिल्ली

भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और टिकट चेकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा तकनीकी बदलाव करने जा रहा है। अब ट्रेन में टिकट जांच करने वाले TTE (Travelling Ticket Examiner) बॉडी कैमरा पहनकर ड्यूटी करेंगे। रेलवे की इस नई व्यवस्था के तहत टिकट चेकिंग के दौरान होने वाली हर गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड होगी। रेलवे का मानना है कि इससे यात्रियों और TTE के बीच होने वाले विवाद, दुर्व्यवहार और फर्जी शिकायतों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

हाईटेक फीचर्स से लैस होंगे बॉडी कैमरे

रेलवे द्वारा TTE को दिए जाने वाले बॉडी कैमरों में HD वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग और नाइट विजन जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। कैमरे में लगभग 20 घंटे तक बैटरी बैकअप मिलेगा, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों में भी रिकॉर्डिंग बिना रुके जारी रह सकेगी। इसके अलावा कैमरों को टैंपर-प्रूफ बनाया गया है, ताकि रिकॉर्डिंग के साथ छेड़छाड़ न हो सके।

मुंबई, वॉल्टेयर और रायपुर में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट

रेलवे ने फिलहाल इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ मंडलों में शुरू किया है। इनमें मुंबई, वॉल्टेयर और रायपुर रेल मंडल शामिल हैं। इन मंडलों में TTE को बॉडी कैमरा इस्तेमाल करने की विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार शुरुआती परिणाम सकारात्मक मिलने पर इसे देशभर में लागू किया जा सकता है।

यात्रियों और TTE दोनों को होगा फायदा

रेलवे के मुताबिक कई बार टिकट जांच के दौरान यात्रियों और TTE के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। कुछ मामलों में गलत आरोप और फर्जी शिकायतें भी सामने आती हैं। बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग ऐसे मामलों में अहम सबूत का काम करेगी। इससे जहां TTE की सुरक्षा बढ़ेगी, वहीं यात्रियों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच भी संभव हो सकेगी।

रेलवे तेजी से अपना रहा नई तकनीक

भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से लगातार तकनीकी सुधारों पर जोर दे रहा है। ऑनलाइन टिकटिंग, AI आधारित निगरानी प्रणाली, स्मार्ट स्टेशन और डिजिटल मॉनिटरिंग के बाद अब बॉडी कैमरा सिस्टम को रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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