नई दिल्ली, 2 मई 2026

तृणमूल कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए इसे खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने टीएमसी का पक्ष रखते हुए चुनाव आयोग पर एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया और काउंटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई।

टीएमसी ने उठाए नियुक्ति पर सवाल
टीएमसी ने दलील दी कि काउंटिंग सुपरवाइजर के रूप में राज्य कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की जा रही है, जो संविधान के अनुच्छेद 324 की भावना के खिलाफ है। पार्टी ने चुनाव आयोग पर मनमानी का आरोप लगाया।

सुप्रीम कोर्ट ने आरोपों को किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इस तरह के आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि चाहे राज्य के कर्मचारी हों या केंद्र के, सभी चुनाव आयोग के अधीन काम करते हैं और काउंटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्याशियों के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहते हैं।

चुनाव आयोग के पक्ष को माना सही
चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि प्रक्रिया में संतुलन रखा गया है और राज्य कर्मचारियों की भी भूमिका होगी। कोर्ट ने आयोग के इस जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए किसी भी हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।

4 मई को आएंगे नतीजे
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को संपन्न हुआ था। अब 4 मई 2026 को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।

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