19 मई 2026 | नागपुर

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित दो दिवसीय ‘जल क्रांति परिषद’ कार्यक्रम में राजनीति और विकास कार्यों को लेकर बड़ा बयान दिया। अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले गडकरी ने कहा कि “राजनीति का नियम है कि 1 रुपये का काम करो और 10 रुपये की पब्लिसिटी करो।” उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने “10 रुपये का काम किया लेकिन 1 रुपये की भी पब्लिसिटी नहीं की”, जिसे उन्होंने अपनी कमी बताया। गडकरी के इस बयान को राजनीतिक कार्यशैली पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है।

जल संरक्षण को बताया गांवों की समृद्धि की कुंजी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने जल संरक्षण और जल प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में और घर का पानी घर में” रोकना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बारिश का पानी ही पानी का सबसे बड़ा स्रोत है और यदि इसे सही तरीके से संरक्षित किया जाए तो गांवों की आर्थिक स्थिति बदली जा सकती है। गडकरी ने कहा कि पानी रोकना, जमा करना और जमीन में रिसने देना ही ग्रामीण समृद्धि की असली कुंजी है।

भारत-पाकिस्तान जल बंटवारे का भी किया जिक्र

अपने संबोधन में गडकरी ने भारत-पाकिस्तान जल बंटवारे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारत के हिस्से का पानी पाकिस्तान जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों और संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर उस पानी को डायवर्ट करने का निर्णय लिया। उन्होंने दावा किया कि इससे राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों को फायदा मिलेगा।

‘पानी ही किसान का जीवन बदल सकता है’

गडकरी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जल संरक्षण पर काम हुआ है, वहां किसान अब दो-दो और तीन-तीन फसलें लेने लगे हैं। उन्होंने कहा कि पानी सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि पूरे सामाजिक और आर्थिक ढांचे को बदलने की ताकत रखता है। कार्यक्रम में उन्होंने जल संवर्धन और भूजल पुनर्भरण के लिए पिछले 25 वर्षों से चल रहे कार्यों की भी सराहना की।

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