छत्तीसगढ़ सरकार ने वनांचल में रहने वाले वनोपज संग्राहकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री Kedar Kashyap ने नया रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से “छत्तीसगढ़ वनोपज संरक्षण वाणी” और IVRS आधारित सूचना एवं संवाद तंत्र का शुभारंभ किया।

सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से राज्य के 13 लाख से अधिक वनोपज संग्राहक परिवारों को स्थानीय भाषाओं में आजीविका, बाजार भाव और विभिन्न योजनाओं से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इसके जरिए दूरस्थ वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया और मजबूत होगी।

राज्य सरकार के अनुसार यह डिजिटल पहल वनांचल क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण में भी अहम भूमिका निभाएगी। माना जा रहा है कि इससे वनोपज संग्राहकों को बाजार की सही जानकारी मिलने से उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts