26 मई 2026 | बीजापुर

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सोमवार दोपहर तेंदूपत्ता से भरे एक निजी गोदाम में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के ईटपाल इलाके में वन विभाग द्वारा किराए पर लिए गए गोदाम में रखे करीब 18 हजार तेंदूपत्ता बोरे जलकर खाक हो गए। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस हादसे में 10 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, नगर पालिका और CRPF की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। हालांकि देर शाम तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था।

वन विभाग के किराए के गोदाम में रखे थे तेंदूपत्ता के बोरे

जानकारी के अनुसार वन विभाग ने तेंदूपत्ता स्टोरेज के लिए ईटपाल इलाके में निजी गोदाम किराए पर लिया था, जहां पिछले 10 दिनों में बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता संग्रहित किया गया था। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक गोदाम में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। तेज गर्मी और सूखे मौसम के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

फायर सेफ्टी व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद गोदाम में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर तेंदूपत्ता भंडारण के बावजूद मौके पर पर्याप्त अग्निशमन यंत्र, पानी और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए होते तो नुकसान को कम किया जा सकता था।

जांच के निर्देश, अधिकारियों ने मांगी रिपोर्ट

बीजापुर के डीएफओ रमेश जांगड़े ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड को मौके पर भेजा गया था। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है। वहीं सीसीएफ आलोक तिवारी ने कहा कि वे स्वयं बीजापुर पहुंचकर पूरे मामले की समीक्षा करेंगे और यह देखा जाएगा कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई।

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