14 मई 2026 | नई दिल्ली

BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सदस्य देशों से खुलकर इसकी निंदा करने की अपील की। नई दिल्ली में आयोजित बैठक के दौरान सैयद अब्बास अरगची ने कहा कि दुनिया नई वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां ग्लोबल साउथ की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने BRICS को उभरती हुई नई विश्व व्यवस्था का प्रतीक बताते हुए कहा कि ईरान की लड़ाई केवल उसका अपना संघर्ष नहीं, बल्कि विकासशील देशों के हितों की रक्षा का मुद्दा है।

“पश्चिमी वर्चस्व के खिलाफ संघर्ष”

ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका की “श्रेष्ठता और दंडमुक्ति की मानसिकता” पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिमी देश एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में हिंसा, संप्रभुता के उल्लंघन और मानवाधिकार संकटों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल की “गैरकानूनी आक्रामक कार्रवाइयों” के खिलाफ BRICS देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट और बिना शर्त निंदा करनी चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन का आरोप

अरगची ने कहा कि दुनिया में ऐसी सोच की कोई जगह नहीं होनी चाहिए, जहां ताकतवर देश अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करें। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन करने वालों को जवाबदेह बनाने और युद्ध जैसी स्थितियों को रोकने के लिए व्यावहारिक कदम उठाने की मांग की।

भारत ने दो-राष्ट्र समाधान पर दिया जोर

बैठक में एस. जयशंकर ने भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव, समुद्री यातायात पर खतरा और ऊर्जा ढांचे पर असर वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती है। जयशंकर ने फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत के “दो-राष्ट्र समाधान” के समर्थन को दोहराया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

15 मई तक चलेगी बैठक

नई दिल्ली में 14 और 15 मई को आयोजित हो रही BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में वैश्विक आर्थिक व्यवस्था, भू-राजनीतिक संकट और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। भारत ने 1 जनवरी 2026 से BRICS की अध्यक्षता संभाली है।

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