02 जून 2026 | रायपुर

छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ती डीजल कीमतों के बीच बस ऑपरेटरों ने यात्री किराया निर्धारण के लिए स्थायी और स्वचालित व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है। राजधानी बस एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष, यातायात महासंघ के पूर्व संरक्षक एवं पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि डीजल की कीमतों में बार-बार हो रही वृद्धि के अनुरूप यात्री किराए में भी उसी प्रतिशत से स्वतः बढ़ोतरी की व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं यदि डीजल के दाम घटते हैं तो यात्री किराए में भी उसी अनुपात में कमी की जानी चाहिए।

बार-बार प्रस्ताव भेजने की व्यवस्था को बताया अव्यावहारिक

प्रमोद दुबे ने कहा कि पहले डीजल की कीमतों में कई वर्षों में एक बार बदलाव होता था, इसलिए किराया संशोधन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजकर निर्णय लिया जाता था। लेकिन वर्तमान में पेट्रोलियम कंपनियां हर कुछ दिनों में कीमतों में बदलाव कर रही हैं, जिससे बार-बार किराया संशोधन का प्रस्ताव भेजना और उस पर निर्णय लेना व्यावहारिक नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से बस ऑपरेटरों और परिवहन विभाग दोनों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है।

डीजल, पार्ट्स और बीमा महंगा होने से बढ़ा आर्थिक दबाव

पत्र में प्रमोद दुबे ने उल्लेख किया है कि डीजल के साथ-साथ वाहन पार्ट्स, इंश्योरेंस और संचालन लागत में भी भारी वृद्धि हुई है। इससे बस संचालकों के लिए बैंक ऋण की किश्तें जमा करना और व्यवसाय को सुचारु रूप से चलाना कठिन होता जा रहा है। उनका कहना है कि बीते 17 दिनों में डीजल की कीमत में लगभग 8 रुपये प्रति लीटर से अधिक की वृद्धि हो चुकी है, जिससे परिवहन व्यवसाय पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

मुख्यमंत्री से स्थायी समाधान की मांग

प्रमोद दुबे ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि डीजल मूल्य और यात्री किराए को जोड़ते हुए एक स्थायी नीति बनाई जाए, ताकि डीजल की कीमत बढ़ने या घटने पर किराया स्वतः उसी प्रतिशत के अनुसार संशोधित हो सके। उनका कहना है कि इससे सरकार, परिवहन विभाग, बस ऑपरेटरों और यात्रियों सभी के लिए पारदर्शी और स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।

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