बीड / महाराष्ट्र , 6 जून 2026

महाराष्ट्र के बीड जिले के एक छोटे से गांव की चार बहनों ने अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गया है। गन्ने के खेतों में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले माता-पिता की चारों बेटियां अब मुंबई पुलिस में नौकरी कर रही हैं।

बीड जिले के जिवाचीवाडी गांव निवासी हनुमंत चौरे और उनकी पत्नी दैवशाला चौरे पिछले 25 वर्षों से गन्ना कटाई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटियों की शिक्षा और सपनों के साथ कभी समझौता नहीं किया।

परिवार की मेहनत तब रंग लाई जब वर्ष 2019 में उनकी दो बेटियों का चयन मुंबई पुलिस में हुआ। इसके बाद हाल ही में हुई भर्ती प्रक्रिया में दो अन्य बहनों ने भी सफलता हासिल कर ली। इस तरह चारों बहनें पुलिस विभाग में भर्ती होकर अपने परिवार के साथ-साथ पूरे जिले का नाम रोशन कर रही हैं।

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के बीच चौरे परिवार की खूब चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि यह सफलता उन परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने बच्चों के सपनों को सीमित मान लेते हैं।

हनुमंत चौरे और दैवशाला चौरे ने बताया कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटियों को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। वर्षों की मेहनत और संघर्ष का परिणाम आज पूरे परिवार के सामने है।

चारों बहनों की यह उपलब्धि साबित करती है कि मजबूत इरादे, कड़ी मेहनत और परिवार का सहयोग किसी भी कठिन परिस्थिति को सफलता में बदल सकता है।

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