तेहरान, 1 जुलाई 2026

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि एमओयू (Memorandum of Understanding) की सभी शर्तें पूरी होने तक अंतिम समझौते पर कोई बातचीत नहीं होगी। ईरानी संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालीबफ ने स्पष्ट कहा कि यदि अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करता, तो ईरान युद्ध के लिए तैयार है।

एक टेलीविजन इंटरव्यू में गालीबफ ने अमेरिका पर हालिया संघर्ष समाप्त करने वाले समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच बातचीत 14 बिंदुओं वाले एमओयू के क्रियान्वयन पर केंद्रित है, न कि अंतिम राजनीतिक समझौते पर।

एमओयू को लेकर ईरान का रुख सख्त

गालीबफ के अनुसार, एमओयू के तहत नौसैनिक नाकाबंदी हटाना ईरान के लिए बड़ी उपलब्धि रही है। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद ईरान 4 करोड़ बैरल से अधिक तेल का निर्यात कर चुका है, जिससे देश की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिली है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बड़ा बयान

ईरानी संसद अध्यक्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग पर ईरान और ओमान का संप्रभुत्व है और एमओयू की 60 दिनों की अवधि पूरी होने के बाद यहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूला जाएगा।

दोहा में केवल तकनीकी स्तर की बातचीत

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागई ने कहा कि फिलहाल आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ कोई उच्च स्तरीय बैठक निर्धारित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतर की राजधानी दोहा में केवल एमओयू के क्रियान्वयन और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों (Frozen Assets) को लेकर तकनीकी स्तर की बातचीत चल रही है।

वहीं कतर ने भी पुष्टि की है कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच तकनीकी वार्ता जारी है, लेकिन फिलहाल किसी राजनीतिक या अंतिम समझौते को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की योजना नहीं है।

ईरान के ताजा बयान से एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अमेरिका और ईरान के बीच आगे होने वाली वार्ताओं और क्षेत्रीय हालात पर बनी हुई है।

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