बिंदी-तिलक बनाम हिजाब मुद्दे पर बवाल, कंपनी ने जारी की नई गाइडलाइन और मांगी सफाई

मुंबई | 21 अप्रैल 2026
चश्मा रिटेलर Lenskart इन दिनों ड्रेस कोड विवाद को लेकर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर एक कथित दस्तावेज वायरल होने के बाद, जिसमें कर्मचारियों को बिंदी और तिलक पहनने से मना करने की बात कही गई थी, विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

स्टोर में घुसकर किया विरोध प्रदर्शन
मुंबई में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की नेत्री नाजिया इलाही खान ने कार्यकर्ताओं के साथ एक लेंसकार्ट स्टोर में पहुंचकर विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों को तिलक लगाया और कलावा बांधा, साथ ही “जय श्री राम” के नारे भी लगाए।

स्टाफ से पूछे गए सवाल, आरोपों से बढ़ा विवाद
प्रदर्शन के दौरान फ्लोर मैनेजर से कथित पाबंदियों को लेकर सवाल किए गए। कुछ कर्मचारियों ने दावा किया कि ट्रेनिंग के दौरान तिलक, कलावा और मंगलसूत्र जैसे धार्मिक प्रतीकों पर रोक की बात कही गई थी। इन आरोपों के बाद प्रदर्शन और तेज हो गया।

स्टोर बंद करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मामले की जांच होने तक स्टोर को बंद रखने की मांग की। नाजिया इलाही खान ने प्रबंधन पर एक धर्म विशेष को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया।

कंपनी ने दी सफाई, नई गाइडलाइन जारी
विवाद बढ़ने के बाद कंपनी ने नई ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ जारी करते हुए स्पष्ट किया कि बिंदी, तिलक, हिजाब, पगड़ी समेत सभी धार्मिक प्रतीकों की अनुमति है और कंपनी सभी कर्मचारियों की आस्था का सम्मान करती है।

CEO ने मांगी माफी
पीयूष बंसल ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल दस्तावेज पुराना था और वर्तमान नीति का हिस्सा नहीं है। उन्होंने किसी भी तरह की गलतफहमी के लिए खेद जताया और कहा कि कंपनी समानता और विविधता के सिद्धांतों पर काम करती है।

सोशल मीडिया पर जारी बहस
इस पूरे विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस देखने को मिल रही है। एक ओर जहां लोग धार्मिक स्वतंत्रता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कार्यस्थल पर एकरूपता और ड्रेस कोड को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

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