रायपुर, 14 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान प्रदेशभर में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रहा है। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत चल रहे इस अभियान से रोजगार सृजन, भू-जल संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और हरित विकास को व्यापक गति मिली है।
बालोद जिले में जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्व-सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से बड़े पैमाने पर जल संरक्षण कार्य किए हैं। अभियान का उद्देश्य “जहां वर्षा हो, जब वर्षा हो, वहीं वर्षा जल का संचयन हो” की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है।
अभियान के तहत रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, डबरी, तालाब, ट्रेंच, सोख्ता गड्ढे और वर्षा जल संचयन प्रणालियों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा रिचार्ज पिट, इंजेक्शन वेल, निष्क्रिय बोरवेलों का रिचार्ज, तालाबों का जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण, चेकडैम और वाटर एब्जॉर्बिंग ट्रेंच जैसी संरचनाओं के माध्यम से भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा दिया गया है।
वीबी-जी राम जी योजना (मनरेगा), वन विभाग, जिला खनिज न्यास (DMF), विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं और जनभागीदारी के सहयोग से अब तक 2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। इनसे 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित हुई है, जिससे भू-जल स्तर में सुधार, भूमि की नमी का संरक्षण, खरीफ एवं रबी फसलों की सिंचाई सुविधा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अभियान की सबसे बड़ी ताकत जनभागीदारी रही है। जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूह, ग्राम विकास समितियां, महिला कमांडो, ग्रीन आर्मी तथा स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी तालाबों की सफाई, जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता, वृक्षारोपण और सीड बॉल अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जुलाई माह में अब तक 3 लाख से अधिक सीड बॉल का रोपण किया जा चुका है, जबकि 2 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्य शासन द्वारा वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, हरित विकास और ग्रामीण आजीविका संवर्धन को प्राथमिकता दी जा रही है। ‘जल संरक्षण – जन सहभागिता से जल समृद्धि की ओर’ की भावना के साथ बालोद जिला प्रशासन जल-सुरक्षित, हरित और समृद्ध ग्रामीण विकास के लक्ष्य की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।


