नई दिल्ली, 27 मई 2026

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नेत्र चिकित्सक डॉ. मनोज शिरुरे और फिजिक्स टीचर तेजस हर्षदकुमार शाह शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक, डॉ. मनोज शिरुरे, जो महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले हैं, उन्होंने आरोपी पीवी कुलकर्णी से संपर्क कर तीन छात्रों को केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। वहीं, दूसरा आरोपी तेजस शाह पुणे के एक कोचिंग सेंटर में फिजिक्स पढ़ाता है।

CBI जांच में खुलासा हुआ है कि NEET पेपर लीक का नेटवर्क 5 राज्यों तक फैला हुआ था। जांच एजेंसी के अनुसार, सबसे ज्यादा पेपर महाराष्ट्र में बेचे गए, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर रहा। अब तक CBI ने 49 स्थानों पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि महाराष्ट्र और राजस्थान में पेपर प्रिंट कर बेचने के सबूत मिले हैं। CBI का कहना है कि यह घोटाला अनुमान से कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है और इसमें शामिल छात्रों की वास्तविक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।

डॉ. मनोज शिरुरे की गिरफ्तारी के बाद मेडिकल क्षेत्र में भी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी से पेपर लीक रैकेट की कई नई परतें खुल सकती हैं

इसके अलावा CBI उन अभिभावकों की भी सूची तैयार कर रही है, जिन्होंने अपने बैंक खातों से आरोपी शिवराज मोटेगांवकर, पी.वी. कुलकर्णी और उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे के खातों में पैसे ट्रांसफर किए थे।

वहीं, NTA ने NEET-UG 2026 अभ्यर्थियों के लिए एग्जाम फीस रिफंड हेतु बैंक डिटेल जमा करने की सुविधा शुरू की है। उम्मीदवार 22 मई से 27 मई रात 11:50 बजे तक अपनी बैंक जानकारी जमा कर सकते हैं।

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