रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव से निकलकर अजय गुप्ता ने संघर्ष और मेहनत की ऐसी मिसाल पेश की है, जो हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। कभी परिवार के साथ जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने और महुआ बीनने वाला यह लड़का आज भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा में देशभर में 91वीं रैंक हासिल कर अफसर बन गया है।
गरीबी और अभावों के बीच पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन जंगलों और मेहनत के बीच बीता। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। जिस जंगल से कभी उनके घर का चूल्हा जलता था, अब उसी जंगल की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।
अजय की सफलता आसान नहीं रही। उन्होंने 4 बार मेन्स परीक्षा और 3 बार इंटरव्यू का सामना किया। कई असफलताओं के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया।
अजय गुप्ता की यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन ग्रामीण युवाओं के संघ


