बेंगलुरु, कर्नाटक 5  जून 2026   

कर्नाटक में D. K. Shivakumar के नेतृत्व वाली नई कांग्रेस सरकार के गठन के महज 48 घंटे के भीतर ही कैबिनेट में बगावत सामने आ गई है। कैबिनेट मंत्री  Ramalinga Reddy  ने अपने पसंदीदा विभाग नहीं मिलने पर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

कर्नाटक में डीके शिवकुमार सरकार बनने के 48 घंटे के भीतर ही कैबिनेट में बगावत शुरू हो गई, जब मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने पसंदीदा विभाग नहीं मिलने पर इस्तीफा दे दिया।

गुरुवार रात विभागों के बंटवारे के बाद विवाद शुरू हुआ। रेड्डी को जल संसाधन विभाग सौंपा गया था, जबकि वे बेंगलुरु विकास विभाग चाहते थे। इस्तीफे के साथ उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने पर डीके शिवकुमार ने उन्हें यही विभाग देने का वादा किया था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेड्डी ने कहा कि शिवकुमार खुद उनके घर आए थे और बेंगलुरु विकास विभाग देने का भरोसा दिलाया था। उनका दावा है कि शपथ ग्रहण से एक दिन पहले भी उन्हें यही आश्वासन मिला, लेकिन अंतिम बंटवारे में ऐसा नहीं हुआ।

नाराज रेड्डी ने कहा कि वादा पूरा न होने के कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं और उनकी निष्ठा पार्टी के प्रति कायम है।

उन्होंने कहा, “मैं पिछले 53 वर्षों से कांग्रेस से जुड़ा हूं। मैंने कई मुख्यमंत्रियों के साथ काम किया है। मैंने कभी मंत्री पद नहीं मांगा, लेकिन इस बार मुझसे किया गया वादा निभाया नहीं गया।”

नई सरकार में Mallikarjun Kharge के पुत्र Priyank Kharge को गृह मंत्रालय दिया गया है, जबकि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वित्त, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार, कैबिनेट मामलों और इंटेलिजेंस जैसे अहम विभाग अपने पास रखे हैं।

रेड्डी के इस्तीफे से सरकार के शुरुआती दिनों में ही कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और असंतोष की चर्चा तेज हो गई है। अब नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस संकट को कैसे संभालेगा।

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