18 मई 2026 | मुंबई

कारोबारी सप्ताह के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर भारी गिरावट देखने को मिली। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 430.02 अंक यानी 0.57 प्रतिशत टूटकर 74,807.97 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 161.30 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,482.20 पर खुला। बाजार में जारी कमजोरी के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये की कमजोरी को प्रमुख वजह माना जा रहा है।

सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयर लाल निशान में

कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से केवल 3 शेयर ही बढ़त के साथ खुले, जबकि 27 कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे। वहीं निफ्टी 50 में भी सिर्फ 5 शेयर हरे निशान में खुले और बाकी 45 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों ने बाजार को थोड़ी राहत दी, लेकिन बैंकिंग, मेटल और पावर सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई।

टाटा स्टील और पावर ग्रिड में सबसे बड़ी गिरावट

सोमवार को टाटा स्टील के शेयर सबसे ज्यादा 3.78 प्रतिशत टूटे। इसके अलावा पावर ग्रिड 3.65 प्रतिशत, SBI 1.67 प्रतिशत, HDFC बैंक 1.60 प्रतिशत और अडाणी पोर्ट्स 1.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ खुले। बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी और टाइटन जैसे दिग्गज शेयरों में भी कमजोरी रही।

आईटी शेयरों ने दी थोड़ी राहत

गिरते बाजार के बीच इन्फोसिस के शेयर 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुले। वहीं टीसीएस और टेक महिंद्रा में भी हल्की तेजी देखने को मिली। एक्सपर्ट्स का मानना है कि रुपये की कमजोरी से आईटी कंपनियों को डॉलर कमाई का फायदा मिल सकता है।

क्या कह रहे हैं मार्केट एक्सपर्ट?

विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये की ऐतिहासिक कमजोरी ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की चाल भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगे।

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