जब बंदूक छूटी, तो हाथों में आया सुनहरा भविष्य : सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं की जिंदगी लिख रही विकास की नई कहानी
सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। अब तक 280 से अधिक युवा इस पहल से लाभान्वित हो चुके हैं और मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।