मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का जवाबी हमला, जॉर्डन, बहरीन और कुवैत बने निशाना
मिडिल ईस्ट, 14 जुलाई 2026
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर गहरा गया है। लगातार तीसरी रात अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास, किश द्वीप, बुशहर प्रांत के जम शहर और क़ेश्म द्वीप स्थित कथित ड्रोन और मिसाइल ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार कई मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया। इसके बावजूद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
यूएई के ऑयल टैंकर पर हमला, भारतीय नाविक की मौत
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास यूएई के दो ऑयल टैंकरों पर भी मिसाइल हमला हुआ। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि छह भारतीयों समेत आठ चालक दल के सदस्य घायल बताए गए हैं। घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बहरीन में हाई अलर्ट
हमलों के बाद बहरीन में फिर से एयर रेड अलर्ट जारी किया गया है। पूरे देश में सायरन बजाए गए हैं और गृह मंत्रालय ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ MoU केवल एक “टेस्ट” था और ईरान उस पर खरा नहीं उतरा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमताओं को लगातार कमजोर करने के लिए कार्रवाई कर रहा है।
CENTCOM का दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हालिया हवाई हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में नागरिक तथा व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वहीं, ईरानी मीडिया ने कई इलाकों में जोरदार विस्फोटों की पुष्टि की है।


