रायपुर, 01 जुलाई 2026

वीबी जीरामजी (विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण) लागू होने के पहले ही दिन छत्तीसगढ़ के ग्रामीण श्रमिकों को बड़ी सौगात मिली है। भारत सरकार द्वारा अधिसूचित नई मजदूरी दरों के तहत राज्य में अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। यह नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं।

नई व्यवस्था के तहत मजदूरी दर में लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत लाखों श्रमिकों की आय में बढ़ोतरी होगी और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ में अकुशल हस्त कार्य के लिए 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी निर्धारित की गई है।

राज्य सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। वीबी जीरामजी के लागू होने के साथ ही प्रदेशभर के कार्यस्थलों पर श्रमिकों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। ग्राम पंचायतों में योजना की जानकारी दी जा रही है और इसे जनभागीदारी के साथ उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।

प्रदेश में योजना का औपचारिक शुभारंभ 2 जुलाई को कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से होगा। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर आंध्रप्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा शामिल होंगे।

योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी। इसके साथ ही 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल जॉब कार्ड, तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली तथा पारदर्शी भुगतान व्यवस्था जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

योजना में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण, टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण, कौशल विकास और आजीविका संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही ग्राम सभाओं के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की योजना तैयार की जाएगी।

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