रायपुर, 28 जून 2026

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ लगातार विकास योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। राज्य की नीतियों में किसानों और आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही आईटी और एआई आधारित पारदर्शी प्रशासन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकार की कृषक उन्नति योजना किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। पिछले खरीफ विपणन वर्ष में 145 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया, जिसके बदले किसानों को 32 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा किसानों को धान की बोनस और अंतर राशि भी सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई।

राज्य सरकार ने ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, ई-नाम पोर्टल और कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन जैसे फैसलों के जरिए किसानों को बेहतर बाजार और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

आदिवासी क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर सहित माओवादी प्रभावित इलाकों में लोगों को मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। वहीं युवाओं को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज मुक्त ऋण भी दिया जा रहा है।

वनवासियों की आय बढ़ाने के लिए लघु वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी, वनधन केंद्रों में प्रसंस्करण और तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है।

महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये सीधे बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं। अब तक योजना की नौ किस्तें जारी की जा चुकी हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। मातृभाषा में शिक्षा, 75 से अधिक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन तथा मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए नई दिल्ली स्थित यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 से अधिक कर दी गई है।

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