दिल्ली, 14 अप्रैल 2026

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत से संयुक्त अरब अमीरात जा रहा एक जहाज सुरक्षित गुजर गया है। अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के बाद यह पहला मामला है, जिसने वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को लेकर चल रही चिंताओं के बीच कुछ राहत दी है।

युद्धविराम वार्ता विफल, तनाव और बढ़ा

पाकिस्तान में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। बातचीत असफल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज क्षेत्र में ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी लागू कर दी है।

अमेरिका की सख्त चेतावनी

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी तरह के खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा। चेतावनी दी गई है कि यदि ईरान की कोई आक्रामक नौका अमेरिकी सेना के करीब आई, तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा।

रूस ने दी मध्यस्थता की पेशकश

इस बीच रूस ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। रूसी विदेश मंत्री ने ईरान के समकक्ष से बातचीत कर कहा कि क्षेत्र में दोबारा संघर्ष न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास जरूरी है।

हिज्बुल्ला का बयान, बढ़ी चिंता

लेबनान के संगठन हिज्बुल्ला ने इजरायल के साथ किसी भी वार्ता का विरोध करते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है।

अमेरिका ने ईरान पर डाला जिम्मा

अमेरिका ने कहा है कि आगे की बातचीत अब ईरान की गंभीरता पर निर्भर करेगी। उपराष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए पहल ईरान को ही करनी होगी।

वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर असर की आशंका

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का आवागमन होता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर डाल सकता है।

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