नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2026

दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों को मिली राहत को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने सभी पक्षों को सोमवार तक अपने-अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि इसके बाद मामले पर विस्तृत सुनवाई की जाएगी।

अदालत ने मांगे रिकॉर्ड, सोमवार से होगी सुनवाई
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने निचली अदालत से जुड़े सभी रिकॉर्ड और पुराने आदेश तलब किए हैं। साथ ही उस याचिका पर भी जवाब मांगा गया है, जिसमें पहले लगाए गए स्थगन आदेश को हटाने की मांग की गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई सोमवार से शुरू होगी।

चिट्ठी पर अदालत की टिप्पणी से इनकार
न्यायालय ने मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल द्वारा कार्यवाही के बहिष्कार को लेकर दी गई चिट्ठी पर कोई टिप्पणी नहीं की। फिलहाल सभी पक्षों को लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 2021-22 में लागू की गई दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़ा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो का आरोप है कि नीति इस तरह बनाई गई थी, जिससे कुछ शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ मिला और इसके बदले प्राप्त धन का उपयोग राजनीतिक गतिविधियों में किया गया। वहीं अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं।

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