रायपुर, 29 अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं के परिणाम घोषित होने से पहले कथित पेपर लीक मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पेपर लीक की घटना को पूरी तरह निराधार बताया है, वहीं दीपक बैज ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में सरकार का रुख विरोधाभासी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि दूसरी ओर मंत्री घटना से इनकार कर रहे हैं, जिससे किसी को बचाने की आशंका जताई जा रही है।

पेपर लीक पर सरकार बनाम विपक्ष आमने-सामने
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में स्पष्ट स्थिति नहीं ले पा रही है और कहीं न कहीं सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। वहीं शिक्षा मंत्री ने छात्र संगठनों के विरोध को गलत ठहराते हुए कहा कि जब पेपर लीक हुआ ही नहीं, तो विरोध का कोई औचित्य नहीं है। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।

अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरा
पीसीसी प्रमुख ने अंबिकापुर के सीतापुर क्षेत्र में आदिवासी बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार इन्हें रोकने में विफल है।

पेंशन, धान खरीदी और प्रशासनिक फैसलों पर निशाना
दीपक बैज ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि निराश्रित और वृद्धा पेंशन की राशि 4–5 महीनों से लंबित है। उन्होंने धान खरीदी व्यवस्था पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों मीट्रिक टन धान खुले में पड़ा है और नुकसान हो रहा है। इसके अलावा तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारियों को दवा दुकानों की जांच के आदेश को लेकर भी उन्होंने सरकार पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।

‘सुशासन तिहार’ को बताया दिखावा
सरकार द्वारा एक मई से प्रस्तावित ‘सुशासन तिहार’ पर भी पीसीसी प्रमुख ने सवाल उठाए और इसे सरकार की विफलताओं को छिपाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार का काम संतोषजनक होता, तो इस तरह के आयोजनों की आवश्यकता नहीं पड़ती।

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