राजस्थान, 19 अप्रैल 2026

राजस्थान में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में करौली जिले की एसडीएम काजल मीणा को निलंबित कर दिया गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के बाद राज्य सरकार ने यह कार्रवाई की। सरकारी आदेश के अनुसार, काजल मीणा को 16 अप्रैल 2026 से ही राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के तहत निलंबित माना गया है और निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्मिक विभाग, जयपुर निर्धारित किया गया है।

रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ी गईं अधिकारी

ACB ने एसडीएम काजल मीणा के साथ उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ को भी गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई करौली जिले के नादौती क्षेत्र में भूमि विवाद से जुड़ी अंतिम डिक्री जारी करने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में की गई।

एक लाख की मांग, 60 हजार में तय हुई डील

ACB के अनुसार, आरोपियों ने शुरुआत में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसे बाद में 50 हजार रुपये कर दिया गया। ट्रैप के दौरान एसडीएम के लिए 50 हजार और रीडर के लिए 10 हजार रुपये लेते हुए तीनों को पकड़ा गया।

कार्रवाई में मिले 4 लाख रुपये, जांच जारी

छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से एक बैग में रखे 4 लाख रुपये भी बरामद किए गए, जिन्हें संदिग्ध मानते हुए जांच की जा रही है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

2024 बैच की टॉपर अधिकारी हैं काजल मीणा

काजल मीणा राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) 2024 बैच की अधिकारी हैं और अनुसूचित जनजाति वर्ग की वरीयता सूची में टॉपर रही हैं। इससे पहले वह टोंक में सहायक कलेक्टर (प्रशिक्षु) के रूप में कार्यरत रह चुकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts