रायपुर, 10 अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन को लेकर लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम में सभी व्यय निर्धारित मानकों और अनुबंधित दरों के अनुसार ही किए गए हैं। विभाग ने मनमाने खर्च और बिना निविदा प्रक्रिया के भुगतान के आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।

अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से हुआ आयोजन

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती और छत्तीसगढ़ श्रम दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में लगभग 8,000 श्रमिकों की उपस्थिति में यह महासम्मेलन आयोजित किया गया था। कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं पूर्व से अनुबंधित संस्था के माध्यम से स्वीकृत दरों पर कराई गईं।

समयाभाव में लिया गया प्रशासनिक निर्णय

विभाग के अनुसार कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय पर बदलाव और समय की कमी के कारण निविदा प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं था। ऐसे में पूर्व अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से कार्य कराना प्रशासनिक दृष्टि से उचित निर्णय रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी व्ययों का परीक्षण और सत्यापन करने के बाद ही नियमों के तहत भुगतान किया गया।

आरोपों को बताया भ्रामक

विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुर्सी, नाश्ता और अन्य व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। सभी खर्च पारदर्शी प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद ही किए गए हैं।

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