नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी जमानत से संबंधित याचिका को खारिज करते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया है और गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया है।

पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाले आदेश को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया।

सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की थी। खेड़ा की तरफ से यह भी आग्रह किया गया था कि गिरफ्तारी पर लगी रोक को फिलहाल बरकरार रखा जाए, क्योंकि गुवाहाटी हाई कोर्ट 21 अप्रैल तक बंद है और इस दौरान उन्हें कानूनी राहत नहीं मिल पाएगी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को संबंधित हाई कोर्ट में ही अपनी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए।

मामला क्या है?
यह मामला असम में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों के अनुसार, खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा के खिलाफ बयान देते हुए दावा किया था कि उनके पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियां हैं, जिनका उल्लेख मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया।

इन आरोपों के बाद रिंकी भुइयां शर्मा ने पवन खेड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसी मामले में पूछताछ के लिए असम पुलिस की टीम पहले उनके दिल्ली स्थित आवास पर भी पहुंची थी।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब पवन खेड़ा को आगे की कानूनी लड़ाई गुवाहाटी हाई कोर्ट में लड़नी होगी।

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