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सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा से गूंजेगा छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक गौरव, 1000 विशिष्टजन विशेष ट्रेन से जाएंगे सोमनाथ धाम

रायपुर, 21 जून 2026

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत छत्तीसगढ़ से एक ऐतिहासिक ‘‘सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा’’ का आयोजन किया जा रहा है। 22 से 26 जून 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में प्रदेश के 1000 विशिष्टजन विशेष ट्रेन के माध्यम से गुजरात स्थित सोमनाथ धाम पहुंचेंगे। यात्रा का शुभारंभ 22 जून को सुबह 9 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इसके अलावा सांसद, विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देशभर में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में छत्तीसगढ़ की यह यात्रा भी एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों, आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जोड़ना है।

यात्रा में प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित पद्म पुरस्कार विजेता, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रतिभागी अपने क्षेत्रों की पवित्र मिट्टी और नदियों का जल लेकर सोमनाथ पहुंचेंगे, जो भारत की सांस्कृतिक एकता, आध्यात्मिक समरसता और राष्ट्रीय अखंडता का प्रतीक बनेगा।

यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को सोमनाथ मंदिर दर्शन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, कला यात्राओं और ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों के भ्रमण का अवसर मिलेगा। इससे विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों के बीच संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

संस्कृति विभाग के अनुसार यात्रा की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। चयनित प्रतिभागियों के स्वास्थ्य परीक्षण, यात्रा प्रबंधन और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय एकता का उत्सव है। छत्तीसगढ़ से निकलने वाली यह यात्रा प्रदेश की लोक संस्कृति, कला, साहित्य और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी। साथ ही यह आयोजन समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, राष्ट्रीय गौरव और भारतीय मूल्यों के प्रति नई प्रेरणा का संचार करेगा।

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