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एल-नीनो का असर: जून में 42% कम बारिश, 100 साल में तीसरा सबसे सूखा महीना बना जून

नई दिल्ली, 30 जून 2026

प्रशांत महासागर में सक्रिय एल-नीनो (El Niño) का प्रभाव इस वर्ष भारत के मानसून पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जून 2026 में देशभर में सामान्य से 42 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे यह महीना पिछले लगभग 100 वर्षों में तीसरा सबसे सूखा जून बनने की ओर बढ़ गया है।

मौसम के आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में अब तक देशभर में औसतन केवल 92.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य परिस्थितियों में यह आंकड़ा 157.7 मिमी होना चाहिए था। यानी देश में मानसूनी वर्षा में बड़ी कमी देखने को मिली है।

विशेषज्ञों का कहना है कि एल-नीनो की सक्रियता के कारण मानसूनी हवाओं की ताकत कमजोर हुई, जिससे कई राज्यों में बारिश सामान्य से काफी कम रही। इसका असर कृषि, जलाशयों के जलस्तर, पेयजल उपलब्धता और खरीफ फसलों की बुवाई पर भी पड़ सकता है।

हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि जून के अंतिम दिन कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश होती है तो कुल वर्षा का आंकड़ा करीब 100 मिमी तक पहुंच सकता है, लेकिन इसके बावजूद यह सामान्य स्तर से काफी कम रहेगा।

मौसम विभाग लगातार मानसून की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। आने वाले हफ्तों में यदि बारिश सामान्य होती है तो वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। फिलहाल कई राज्यों में किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खरीफ सीजन की फसलों पर असर पड़ने की आशंका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, एल-नीनो का प्रभाव लंबे समय तक बना रहने पर मानसून की कुल वर्षा भी प्रभावित हो सकती है, इसलिए आगामी महीनों की बारिश देश के कृषि उत्पादन और जल संसाधनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगी।

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