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एम्बुलेंस नहीं, खाट बनी सहारा… नदी के बीच गूंजी नवजात की किलकारी

छिंदवाड़ा 30june 2026/ मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से सामने आई एक घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की हकीकत उजागर कर दी है। अमरवाड़ा विकासखंड के हथौड़ा गांव में प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती महिला को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली। मजबूरन परिजनों ने उसे खाट पर लिटाकर नदी पार कर अस्पताल ले जाना शुरू किया।

नदी पार करते समय महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई और बीच रास्ते में ही उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद परिजन जच्चा-बच्चा को कच्चे रास्ते से बाइक के जरिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने दोनों को सुरक्षित बताया।

यह घटना ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गांव तक सड़क और समय पर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध होती, तो महिला को इस तरह जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती।

हालांकि मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ा संदेश है कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं और आधारभूत ढांचा मजबूत करना अब केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि प्राथमिकता होनी चाहिए।

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