रायपुर, 15 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन गुजरात में गुणवत्ता मानकों पर विफल होकर ब्लैकलिस्ट हुई दवाओं की छत्तीसगढ़ में आपूर्ति का मुद्दा सदन में गरमाया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने सरकार से इस मामले पर जवाब मांगा।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि गुजरात में प्रतिबंधित दवा निर्माता कंपनी की दवाएं छत्तीसगढ़ में भी खरीदी और सप्लाई की गईं। विधायक अटल श्रीवास्तव ने पूछा कि क्या यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड की गुणवत्ता मानकों पर विफल दवाओं की सूचना राज्य सरकार और सीजीएमएससी को मिली थी तथा क्या बिना अनिवार्य बैच परीक्षण के दवाओं की खरीद की गई।
जवाब में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि गुजरात द्वारा एस्पिरिन गैस्ट्रो-रेजिस्टेंट टैबलेट्स (75 और 150 मिलीग्राम) को ब्लैकलिस्ट किया गया था और इसकी सूचना 25 मार्च 2026 को सीजीएमएससी को प्राप्त हुई थी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में खरीदी गई दवा एस्पिरिन 75 मिलीग्राम अनकोटेड टैबलेट थी, जो गुजरात में प्रतिबंधित दवा से अलग है। उन्होंने कहा कि दोनों दवाएं भिन्न होने के बावजूद जनहित और एहतियात को ध्यान में रखते हुए संबंधित कंपनी के जारी क्रय आदेश और दर-अनुबंध रद्द कर दिए गए।
उन्होंने यह भी बताया कि सीजीएमएससी की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दवाओं का परीक्षण राज्य की प्रयोगशाला में कराया जाता है और इस मामले में आवश्यक सावधानी बरती गई।