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रायपुर में CM साय ने किया श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण: रामलला दर्शन से गौधाम योजना तक गिनाईं सरकार की पहलें

रायपुर, 12 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रविवार शाम रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज द्वारा वाचन की जा रही कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया तथा श्रीमद्भागवत जी की विधि-विधान से आरती एवं वंदन किया।

मुख्यमंत्री ने श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज को संस्कृति, संस्कार, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। उन्होंने कहा कि यह प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर बिताया, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान और गौरवशाली बनी है।

उन्होंने शिवरीनारायण को माता शबरी की तपोभूमि बताते हुए कहा कि यहां प्रभु श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन की स्मृतियां आज भी श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करती हैं। वहीं राजिम त्रिवेणी संगम में आयोजित होने वाला राजिम कुंभ देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है, जहां देशभर से साधु-संत और श्रद्धालु पहुंचते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का प्रभावी संचालन कर रही है। उन्होंने बताया कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्याधाम में भगवान श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। साथ ही प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों के संरक्षण और विकास के लिए भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक समरसता, धार्मिक स्वतंत्रता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि धर्म स्वातंत्र्य कानून के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि गौधाम योजना के तहत गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन समाज में सद्भाव, सेवा, करुणा, नैतिकता और लोककल्याण की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीवलोचन महाराज, पवन साय, नंदन जैन, योगेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित रहे।

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