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विधानसभा में रायपुर के जल संकट पर सरकार घिरी: अजय चंद्राकर, सुनील सोनी और राजेश मूणत ने उठाए तीखे सवाल

रायपुर, 14 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान रायपुर में पेयजल संकट का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विधायक अजय चंद्राकर, सुनील सोनी, राजेश मूणत और भईयालाल राजवाड़े ने जल जीवन मिशन और अमृत मिशन के तहत हो रहे कार्यों पर सरकार से जवाब मांगा।

नगरीय प्रशासन मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि रायपुर में अमृत मिशन का क्रियान्वयन वर्ष 2016 से शुरू हुआ। उपलब्ध बजट के अनुसार पांच पैकेजों को स्वीकृति दी गई थी, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण सभी कार्य पूरे नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि 304 करोड़ रुपये के कार्य वर्तमान में प्रक्रियाधीन हैं और सरकार का लक्ष्य हर घर तक नल से जल पहुंचाना है।

इस दौरान अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया कि 1.21 लाख घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा, तो आखिर योजना किस आधार पर बनाई गई थी। उन्होंने यह भी पूछा कि कितने वार्डों के लिए योजना तैयार की गई और कितनी राशि का प्रस्ताव भेजा गया था।

जवाब में अरुण साव ने कहा कि पहले चरण में 10 लाख से कम आबादी वाले क्षेत्रों के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार राशि स्वीकृत हुई थी। बजट की सीमाओं के कारण कई कार्य अधूरे रह गए, जिन्हें अब पूरा किया जा रहा है।

इसके बाद स्मार्ट सिटी परियोजना और 15वें वित्त आयोग से मिले फंड के उपयोग पर भी सवाल उठे। मंत्री ने बताया कि 15वें वित्त आयोग से 45.33 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न जलापूर्ति अधोसंरचना कार्यों के लिए स्वीकृत की गई है।

चर्चा के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE) की भूमिका और पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल-जवाब हुए। अजय चंद्राकर ने कहा कि उनके मूल प्रश्न का स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। वहीं भईयालाल राजवाड़े ने आरोप लगाया कि उनके बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन पूरी तरह विफल साबित हुआ है।

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