08 मई 2026 | नई दिल्ली

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा है कि भारत द्वारा बांग्लादेश को दी जाने वाली बिजली केवल किसी एक राजनीतिक दल या उसके नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लाभ बांग्लादेश के आम नागरिकों को भी मिलता है। नई दिल्ली में बांग्लादेशी पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध हमेशा जनता के हित और पारस्परिक सहयोग पर आधारित रहे हैं।

विदेश मंत्रालय में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में विक्रम मिसरी ने दोनों देशों के बीच निष्क्रिय पड़े 40 से अधिक द्विपक्षीय तंत्रों को दोबारा सक्रिय करने की दिशा में चल रही प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में कई संस्थागत मंचों की गति धीमी पड़ी थी, लेकिन अब दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग को फिर से मजबूत करने को लेकर “साझा सहमति” बन रही है।

बांग्लादेश में अवामी लीग सरकार के दौरान भारत के समर्थन को लेकर उठे सवालों पर मिसरी ने कहा कि भारत ने हमेशा वहां की निर्वाचित सरकारों के साथ काम किया है और आगे भी जो सरकार सत्ता में होगी, उसके साथ सामान्य कूटनीतिक संबंध बनाए रखे जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने कभी किसी राजनीतिक दल को चुनावी हेरफेर के लिए समर्थन नहीं दिया।

शेख हसीना के भारत में रहने को लेकर पूछे गए सवाल पर भी विदेश सचिव ने प्रतिक्रिया दी। हालांकि उन्होंने सीधे नाम लेने से परहेज किया, लेकिन कहा कि किसी एक व्यक्ति से जुड़े मुद्दे का भारत-बांग्लादेश संबंधों पर स्थायी प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

विक्रम मिसरी ने यह भी कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई दिल्ली ढाका के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संबंध आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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