Kudargarh Devi Dham में शुक्रवार को अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। घने जंगलों के बीच स्थित मंदिर परिसर में आग लगते ही काले धुएं का गुबार उठने लगा, जिससे श्रद्धालुओं और पुजारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक, मंदिर परिसर के बाहर नारियल फोड़ने वाले स्थान के पास श्रद्धालु अगरबत्तियां जलाते हैं। बताया जा रहा है कि जलती अगरबत्तियों से ही आग भड़की, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग ज्योति कलश भवन तक फैल गई।
घटना के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां भगवती पार्वती के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे हुए थे। आग लगने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति संभालने की कोशिश की। हालांकि मंदिर परिसर में अग्निशमन यंत्र नहीं होने की बात भी सामने आई है।
कुदरगढ़ मंदिर की धार्मिक मान्यता
मान्यता है कि कुदरगढ़ क्षेत्र मां भगवती पार्वती की तपस्थली रहा है। कहा जाता है कि यहां माता ने शक्ति स्वरूप धारण कर राक्षसों का संहार किया था। करीब 400 साल पहले राजा बालंद ने यहां माता बागेश्वरी की स्थापना कराई थी। बाद में चौहान वंश के राजा ने बालंद को युद्ध में पराजित किया और तब से मंदिर की देखरेख चौहान वंश द्वारा की जाती रही है।
आज भी नवरात्र के दौरान मंदिर में सुबह की पहली आरती चौहान वंश के वंशजों द्वारा ही की जाती है।


