नारायणपुर, 24 जून 2026
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरेंडा गांव में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। ईसाई धर्म को मानने वाले 26 परिवारों ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों ने उन्हें घरों से बाहर निकाल दिया, जिसके बाद वे गांव के बाहर पेड़ों की छांव में रहने को मजबूर हैं। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

जानकारी के अनुसार, भरेंडा थाना क्षेत्र के इस गांव में पिछले कई महीनों से धर्मांतरण को लेकर विवाद चल रहा है। बताया जा रहा है कि दिसंबर 2025 से गांव का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। 9 जून 2026 को भी धर्मांतरण के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी, जिसमें कुछ लोग घायल हुए थे। प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था, लेकिन अब विवाद फिर से सामने आ गया है।

ईसाई समुदाय के लोगों का आरोप है कि मंगलवार सुबह गांव के गयता, पटेल समेत कुछ ग्रामीण उनके घर पहुंचे और उन्हें गांव छोड़ने के लिए कहा। विरोध करने पर उन्हें जबरन घरों से बाहर निकाल दिया गया। संत राम दुग्गा, चैतू कुमेटी और मनायकु वट्टी सहित कई लोगों ने धार्मिक आधार पर भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार का आरोप लगाया है।

वहीं दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के ईसाई धर्म अपनाने से आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित परिवार अपने मूल धर्म में लौट आते हैं तो उन्हें गांव में रहने से कोई आपत्ति नहीं होगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। प्रशासन दोनों पक्षों से चर्चा कर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।

फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।

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